महापंचायत में बड़ी संख्या में पहुंची महिलाओं ने बुलंद की आवाज, बोलीं- हम पीछे हटने वाली नहीं

महापंचायत में बड़ी संख्या में पहुंची महिलाओं ने बुलंद की आवाज, बोलीं- हम पीछे हटने वाली नहीं

महापंचायत में बड़ी संख्या में पहुंची महिलाओं ने बुलंद की आवाज, बोलीं- हम पीछे हटने वाली नहीं

नौ माह से घर द्वार छोड़कर किसानों की महिला बिग्रेड भी आंदोलन को धार देने में जुटी है। ये न सिर्फ खुद आंदोलन में भागीदारी कर रहीं हैं, बल्कि पंचायतों के गांव-गांव में पहुंचकर दूसरी महिलाओं को भी इसके लिए जागरूक कर रही है। मंगलवार को करनाल महापंचायत में भी इसकी बानगी दिखी। मंच से लेकर मैदान तक महिलाओं ने लाठीचार्ज के विरोध में आवाज बुलंद की। साथ ही मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने का एलान किया।करनाल महापंचायत में हरियाणा के साथ ही पंजाब और यूपी की भी महिलाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। हरियाणा के कैथल जिले के गुहला-चीका से करनाल महापंचायत में पहुंची भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां की उप प्रधान चरणजीत कौर ने कहा कि नौ माह से वह अन्य महिलाओं के साथ तीन कृषि कानून के खिलाफ आवाज उठा रहीं हैं। 26 नवंबर को किसान आंदोलन में अन्य किसानों के साथ उनके और कई अन्य महिलाओं के खिलाफ भी मुकदमे दर्ज किए गए हैं लेकिन यह केस हमारे लिए कागज के पर्चे से अधिक कुछ भी नहीं है। सरकार चाहे कितना भी बल प्रयोग करे लेकिन कृषि कानून वापस होने तक हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। 

उन्होंने कहा कि करनाल महापंचायत में वह लाठीचार्ज में जान गंवाने वाले किसान सुशील काजल को न्याय दिलाने के लिए आईं हैं। उनके साथ गुहला चीका से ही करनाल पहुंची शर्मित कौर, बलविंदर कौर, संदीप कौर सहित अन्य महिलाओं ने भी किसान आंदोलन में आवाज बुलंद की। दूसरी ओर जिला जींद, ब्लाक नरवाना के बद्दोवाला से करनाल महापंचायत में पहुंची सीमा, कलावती, कमलेश और भतेरी ने कहा कि वे घर-परिवार और बच्चों को छोड़कर हक की लड़ाई लड़ रही हैं। हरियाणा के विभिन्न जिलों के अलावा पंजाब और यूपी से भी महापंचायत में महिलाएं पहुंची।