रोहतक के एक और इंटरनेशनल खिलाड़ी की हत्या, भीम अवॉर्डी को साले ने मारी गोली, नामी पहलवान रह चुका है मृतक

रोहतक के एक और इंटरनेशनल खिलाड़ी की हत्या, भीम अवॉर्डी को साले ने मारी गोली, नामी पहलवान रह चुका है मृतक

रोहतक के एक और इंटरनेशनल खिलाड़ी की हत्या,  भीम अवॉर्डी को साले ने मारी गोली, नामी पहलवान रह चुका है मृतक

रोहतक। रोहतक में अभी तक कई नेशनल और इंटरनेशनल खिलाडियों की हत्या हो चुकी है। कल दिल्ली में रोहतक के एक और भीम अवॉर्डी को उसके साले ने ही गोलियां मारकर हत्या कर दी। कॉम्नवेल्थ गेम्स के जूडो में गोल्ड मेडलिस्ट भीम अवॉर्डी था एसआई वीरेंद्र नांदल, जिसकी पैसे के लेनदेन में उसके सेल ने हत्या कर दी है। 

मिली जानकारी के अनुसार हरियाणा पुलिस के एसआई वीरेंद्र नांदल (35) की रविवार को दिल्ली में गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद से नांदल के पैतृक गांव बोहर में मातम का माहौल है। हर कोई पीड़ित परिवार को सांत्वना दे रहा है। वीरेंद्र नांदल खेल कोटे से वर्ष 2011 में हरियाणा पुलिस में भर्ती हुआ था। उसका सोमवार को गांव में अंतिम संस्कार किया जाएगा। इन दिनों उनकी पोस्टिंग करनाल की मधुबन अकादमी में थी। परिवार भी वहीं पर रह रहा था। बताया जा रहा है कि कुछ महीने पहले ही वीरेंद्र को डेपुटेशन पर एनआईएस पटियाला जूडो ट्रेनिंग के लिए भेजा था। वहां से स्पेशल परमिशन पर वीरेंद्र रोहतक के साई सेंटर प्रैक्टिस कर रहे थे।

करीब 1 हफ्ते पहले वो सेंटर से अपने घर जाने की बात कहकर गए थे। रविवार को दिल्ली में उनके साले दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल विक्रम ने अपने ही फ्लैट में गोली मारकर वीरेंद्र की हत्या कर दी। दोनों बीच 3 करोड़ के लेनदेन का विवाद था। वीरेंद्र के परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा और बेटी है। वीरेंद्र के परिजनों के अनुसार उन्होंने करीब 2 साल पहले अपने साले विक्रम को दिल्ली के सफदरजंग एन्क्लेव में फ्लैट खरीदने के लिए 3 करोड़ रुपए दिए थे। 1 साल से वीरेंद्र अपने रुपए विक्रम से मांग रहा था। करीब 6 दिन से रुपयों के तकाजे को लेकर ही दिल्ली में विक्रम के पास रूके हुए थे। रविवार सुबह जब वो अपने कमरे में सो रहे थे तो विक्रम ने उनकी जान ले ली। फिर अपनी पत्नी को बताया। उसने ही पुलिस को कॉल की। बाद में विक्रम ने थाने में जाकर सरेंडर कर दिया।

पुलिस का कहना है कि वीरेंद्र पिछले 5-6 दिनों से विक्रम के घर आया था। रुपये को लेकर दोनों में विवाद हो गया और इसी विवाद को लेकर विक्रम ने कल  सुबह अपनी सर्विस रिवॉल्वर से वीरेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी।  विक्रम को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह दिल्ली के ग्रेटर कैलाश पार्ट वन थाने में तैनात थे। विक्रम के घर के बाहर संत रामपाल के पोस्टर भी लगे हैं और कहा जाता है कि विक्रम संत रामपाल के अनुयायी थे।

वीरेंद्र के भाई सुरेंद्र ने कहा कि हमें सुबह फोन पर बताया गया कि वीरेंद्र के साथ कुछ गलत हो गया है, लेकिन जब हम रोहतक से दिल्ली के रास्ते में पहुंचे तो हमें बताया गया कि वीरेंद्र की मौत हो गई है। उसे मार दिया गया है। 

भीम अवॉर्डी वीरेंद्र नांदल जूडो के इंटरनेशनल प्लेयर रहे हैं। कॉम्न्वेल्थ गेम्स में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता था। एशियाड भी खेले थे। 2011 में स्पोर्ट्स कोटे से हरियाणा पुलिस में एसआई लगे थे। अधिकतर पोस्टिंग करनाल में ही रही है। बोहर गांव के वीरेंद्र उर्फ भौलर बेहतरीन पहलवान  खिलाड़ी रहे हैं। कई स्टेट चैंपियनशिप में वो कुश्ती में मेडल जीते। बाद में जूडो में अपना कॅरियर आगे बढ़ाया। परिवार का गांव में अच्छा राजनैतिक रसूख भी है।

वीरेंद्र नांदल की हत्या के आरोपी उनके साले विक्रम की पोस्टिंग दिल्ली के ग्रेटर कैलाश थाने में है। वीरेंद्र के घर पर ही डटने के बाद विक्रम ने शनिवार शाम को ही थाने से पिस्टल इश्यू कराई थी। इसके लिए उसने एक लूट केस में बदमाश को ट्रेस करने जाने का कारण बताया था। रविवार सुबह भी वो हत्या करने से पहले थाने में अपनी हाजिरी लगा कर आया था। इसके बाद सीधे घर पहुंचा और वीरेंद्र की सोते समय कनपटी पर एक गोली मारकर हत्या कर दी।

एसआई वीरेंद्र की हत्यारोपी उनका साला कांस्टेबल विक्रम की गिनती दिल्ली पुलिस के बेहतरीन जवानों में होती है। कुछ माह पहले ग्रेटर कैलाश के एक अपार्टमेंट में लगी आग में बुजुर्गों और कई लोगों को बचा वो नेशनल लेवल पर सुर्खियों में रहा था। लेकिन अब अपने ही जीजा की हत्या का आरोप उसके ऊपर लगा है। वीरेंद्र नांदल के शव काे सोमवार को दिल्ली में पोस्टमार्टम के बाद पैतृक गांव बोहर में लाया जाएगा। उनका राजकीय सम्मान के साथ यहां अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं रविवार रात को बोहर में उनके आवास पर सन्नाटा पसरा रहा।

निगम की पूर्व महिला पार्षद के देवर एवं एडवोकेट सुरेश नांदल ने बताया कि वीरेंद्र नांदल मिलनसार प्रवृति का था। साथ ही जूडो का अच्छा खिलाड़ी रहा। उसने अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लिया। उसे भीम अवॉर्ड तक मिला था। इसके बाद वह एसआई में भर्ती हुआ। इतना ही नहीं, उसके परिवार से एक महिला ने 2013 में नगर निगम का चुनाव भी लड़ा था। हालांकि महिला चुनाव हार गई थी। रविवार को जैसे ही हादसे की सूचना मिली, गांव में सन्नाटा पसर गया। हर कोई वारदात से आहत है। परिवार के ज्यादातर पुरुष सदस्य दिल्ली गए हुए थे।