किसानों का आह्वान कोरोना से बचाव करेंगे और आंदोलन भी जारी रखेंगे

किसानों का आह्वान  कोरोना से बचाव करेंगे और आंदोलन भी जारी रखेंगे
किसानों का आह्वान- कोरोना से बचाव करेंगे और आंदोलन भी जारी रखेंगे
कितलाना टोल पर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर " प्रतिरोध सप्ताह " की शुरुआत
चरखी दादरी जयवीर फोगाट,
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर कितलाना टोल पर कोरोना से बचाव के लिए प्रतिरोध सप्ताह की शुरुआत हुई। इस मौके पर कितलाना टोल के अध्यक्ष मंडल ने किसानों को मास्क बांटते हुए कहा कि कोरोना को सब मिलकर हराएंगे ही साथ में किसान आंदोलन भी बदस्तूर जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना से भयभीत होने की जरूरत नहीं है लेकिन इससे खुद बचना है और दूसरों का भी बचाना है।
                      उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी को फैलने के लिए पूरी तरह से सरकार दोषी है। कितनी बड़ी विडंबना है कि ये बीमारी आंकड़ों के हिसाब से उन प्रदेशों में ज्यादा है जहां चुनाव नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पश्चिमी बंगाल में बिना मास्क के बड़ी बड़ी रैलियों को संबोधित कर लोगों को इस महामारी की ओर धकेल रहे हैं। चुनाव आयोग इस मामले में चुप्पी साधे हुए है इसलिए सुप्रीम कोर्ट को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए और इन नेताओं पर तुरंत रोक लगानी चाहिए।
                    कितलाना टोल पर 118वें दिन खाप सांगवान 40 के सचिव नरसिंह डीपीई, बलवन्त नंबरदार, बिजेंद्र बेरला, मास्टर शेर सिंह, बलबीर बजाड़, मास्टर राजसिंह, कमल सांगवान, सुभाष यादव, भरपाई छपार, सुनीता डोहकी ने संयुक्त रूप से अध्यक्षता की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कोरोना की आड़ में सरकार किसान आंदोलन से किसी भी तरह की छेड़छाड़ की बात सपने में भी ना सोचे। किसान और मजदूर किसी भी सूरत में आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार अगर गंभीर है तो अविलंब संयुक्त किसान मोर्चा के बातचीत आगे बढ़ाए और तीनों काले कानून रद्द कर एमएसपी की गारन्टी देने का कानून बनाये।
                           धरने का मंच संचालन कामरेड ओमप्रकाश ने किया। इस अवसर पर मास्टर ताराचंद चरखी, सुरजभान सांगवान, राजकुमार हड़ौदी, राजू मान, सुशील धानक, सुरेंद्र कुब्जानगर, अजित सिंह सांगवान, होशियार सिंह, मंशाराम साहुवास, राजकुमार छिल्लर, जागेराम डीपीई, जमात अली, सरपंच पवन कुमार, नत्थूराम फौगाट, मंगल सुई, रणधीर कुंगड़, कृष्णा छपार, निंबो देवी,  ओम चरखी, धर्मबीर समसपुर, सत्यवान, पोपी कालुवाला, सूबेदार सत्यवीर इत्यादि मौजूद थे।