केजरीवाल पर छाया क़ानूनी संकट; CVC ने दिए सरकारी बंगले की जांच के आदेश

दिल्ली में पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ने वाली है। दिल्ली विधानसभा चुनाव हारने के साथ ही आप आदमी पार्टी के प्रमुख केजरीवाल पर कानूनी संकट आने वाला है। केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) ने केजरीवाल के सरकारी आवास रहे 6 फ्लैगस्टाफ रोड बंगले के रेनोवेशन पर हुए खर्च हुई रकम की विस्तृत जांच के आदेश जारी किए है।
सीवीसी ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) से उन आरोपों की विस्तृत जांच करने के आदेश दिए जिनमे 40,000 वर्ग गज (8 एकड़) में बने एक भव्य भवन के निर्माण के लिए भवन नियमों की अवहेलना की गई।
6 फ्लैगस्टाफ बंगले (जहां पूर्व CM अरविंद केजरीवाल रहते थे) जीर्णोद्धार की जांच के आदेश पर भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि शीश महल को लेकर आप और अरविंद केजरीवाल का भ्रष्टाचार अब सबके सामने आ गया है। सीवीसी ने तथ्यों के आधार पर संज्ञान लिया है। मैंने 14 और 21 अक्टूबर को सीवीसी को दो पत्र लिखे थे। जिनमे लिखा था कि ‘शीश महल’ का क्षेत्रफल मूल रूप से 10,000 गज से कम था, लेकिन बगल के बंगले और 8 टाइप-5 फ्लैट खाली कराकर उसमें मिला दिए गए।
क्षेत्रफल में करीब 50,000 गज की बढोतरी हुई है और ये पूरा ढांचा अवैध है। मैंने यह भी लिखा था कि करोड़ों रुपये की बेहिसाब विलासिता की वस्तुएं लगाई गई थीं। मेरे द्वारा लिखे गए दो पत्रों के आधार पर सीवीसी ने सीपीडब्ल्यूडी से तथ्यात्मक रिपोर्ट देने को कहा है, सीवीसी ने सीपीडब्ल्यूडी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर जांच के आदेश दिए हैं।