गांवों में भरे पानी को निकालने के लिए डिप्टी सीएम ने की विशेष बैठक

गांवों में भरे पानी को निकालने के लिए डिप्टी सीएम ने की विशेष बैठक

गांवों में भरे पानी को निकालने के लिए डिप्टी सीएम ने की विशेष बैठक, अधिकारियों को जलभराव जल्द खत्म करने के निर्देश

- नहरों में पानी के स्तर पर नज़र रखें और खेतों में भरे पानी को निकलवाएं सिंचाई विभाग के अधिकारी  डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला

 

सिरसा/चंडीगढ़, 2 अगस्त। हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जलभराव वाले क्षेत्रों से जल्द से जल्द पानी की निकासी की जाए। इसके साथ ही संबंधित अधिकारी इन क्षेत्रों में निगरानी बनाए रखें। उन्होंने कहा कि सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, जींद आदि जिलों में जलभराव की समस्या का तुरंत समाधान किया जाए ताकि किसानों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उपमुख्यमंत्री मंगलवार को सिरसा दौरे पर थे, इस दौरान उन्होंने जलभराव की समस्या को लेकर अधिकारियों की बैठक बुलाई, जिसमें चंडीगढ से सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर को टीम सहित बुलाया गया।

 

डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश में बारिश के कारण सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, जींद सहित अन्य जिलों में जहां पर भी जलभराव की समस्या हुई है, वहां पर प्राथमिकता से काम करते हुए जल निकासी करवाई जाए। इसके साथ ही जलभराव क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखें कि कहीं ओवरफ्लो होने से कोई नहर या ड्रेन ना टूटे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन गांवों में पानी भरा हुआ है, उन गांव में प्राथमिकता के आधार पर पानी निकालने की प्रक्रिया शुरू करें। बैठक उपरांत उन्होंने चीफ इंजीनियर को फतेहाबाद एवं हिसार के गांव भी विजिट करने के निर्देश दिए।

 

डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश भर में पिछले 25 से 30 सालों में पहली बार इतनी अधिक बारिश हुई है। उन्होंने कहा कि घग्गर ड्रेन में पानी काफी अधिक है, इसके लिए सिरसा जिला प्रशासन की ओर से पूरी तैयारी की गई है, पानी की तेजी से निकासी के लिए पिछले वर्ष जहां 50 पंप सैट थे, वहीं अब 100 से अधिक पंप सेट उपलब्ध हैं। इसके अलावा दूसरे सभी प्रबंध किए गए हैं ताकि जल निकासी तेजी से की जा सके।

 

उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि भारी बरसात के कारण हुए जलभराव से किसानों को राहत दिलवाने के लिए उन्होंने अधिकारियों को जल्द से जल्द पानी की निकासी करने की सख्त हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि किसानों की फसल नुकसान की भरपाई के लिए फसल खराबे का आंकलन करवाया जाएगा और पांच अगस्त से गिरदावरी शुरू होगी। इसके लिए सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं ताकि किसानों की उनकी फसल खराबे का मुआवजा दिया जा सके। उन्होंने किसानों से भी अपील की कि वे मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर भी फसल के खराबा को दर्ज करें।