किसान घबराएं नहीं, लॉकडाउन के बाद फिर शुरू होगा गेहूं खरीद का कार्य - डिप्टी सीएम

किसान घबराएं नहीं, लॉकडाउन के बाद फिर शुरू होगा गेहूं खरीद का कार्य - डिप्टी सीएम
82 प्रतिशत किसानों का भुगतान गेहूं खरीद के बाद सीधा खातों में किया - दुष्यंत चौटाला

- पिछले साल की तुलना अब तक 6 लाख मीट्रिक टन ज्यादा गेहूं की खरीद हुई  उपमुख्यमंत्री

- किसान घबराएं नहींलॉकडाउन के बाद फिर शुरू होगा गेहूं खरीद का कार्य - डिप्टी सीएम

हिसार/चंडीगढ़, 7 मई। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने राज्य में गेहूं खरीद के बारे में जानकारी देते हुए बताया है कि इस बार पिछले वर्ष की तुलना में अब तक 6 लाख मीट्रिक टन ज्यादा गेहूं की खरीद की गई है, लेकिन सिरसा, जींद, फतेहाबाद व हिसार से यह रिपोर्ट मिली है कि अभी भी काफी किसानों के पास गेहूं है। उन्होंने कहा कि ऐसे किसानों को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि लॉकडाउन के बाद ऐसे किसानों से अतिरिक्त गेहूं खरीद का कार्य किया जाएगा। डिप्टी सीएम ने कहा कि यह पहली बार हुआ है, जब प्रदेश में 82 प्रतिशत किसानों से गेहूं खरीद के बाद काफी कम समय में उनके खातों में पैसा दे दिया गया है। उन्होंने कहा कि शेष किसानों की राशि की अदायगी भी जल्द ही कर दी जाएगी। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री ने शुक्रवार को अपने हिसार दौरे के दौरान दी।

 

साथ ही दुष्यंत चौटाला ने लॉकडाउन में उद्योगों के संचालन पर कहा कि अभी तक उद्योगों के चलने में कोई दिक्कत नहीं आ रही, इसलिए श्रमिकों को चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि उद्योगों की कोई मदद करने की आवश्यकता हुई तो इस बारे में भी सकारात्मक रूप से विचार किया जाएगा।

- डिप्टी सीएम ने हिसार में 500 बेड के अस्थाई अस्पताल का किया दौरा

- अस्पताल को जल्द संचालित करने के लिए तकनीकी उपकरण एयरलिफ्ट किए जाएंगे  दुष्यंत चौटाला 

इससे पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने हिसार के जिंदल मॉडर्न स्कूल में राज्य सरकार द्वारा स्थापित किए जा रहे 500 बेड के अस्थाई अस्पताल का दौरा किया और वहां चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। अस्पताल की स्थापना को लेकर उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक करके विभिन्न जानकारियां ली तथा उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

 

अस्पताल में ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए कुछ तकनीकी उपकरणों के संबंध में हुई चर्चा के बाद डिप्टी सीएम ने कहा कि ये उपकरण एयरलिफ्ट करवाकर यहां लाए जाएंगें, ताकि अस्पताल को जल्द से क्रियान्वित किया जा सके। उन्होंने कहा कि अस्पताल को पूर्ण रूप से संचालित होने में 18 मई तक का समय लगने वाला था, लेकिन तेज गति से चल रहे कार्यों व सभी जरूरी प्रबंधों व व्यवस्थाओं की समीक्षा के बाद इसे 16 मई तक संचालित किए जाने की समय सीमा निर्धारित की गई है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि तकनीकी उपकरण 13 या 14 मई को यहां पहुंचने थे, लेकिन अब उम्मीद है कि इन्हें एयरलिफ्ट कर 10 मई के आसपास लाया जा सकेगा। इससे क्वालिटी जांच तथा ट्रायल रन इत्यादि का कार्य जल्द आरंभ हो सकेगा। यदि सब कुछ सही रहा तो 16 मई से पूर्व ही इसे आरंभ किया जा सकता है।

डिप्टी सीएम ने कहा कि अस्थाई अस्पताल के लिए मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टाफ की आवश्यकता होगी, इसलिए श्रम विभाग के अन्तर्गत ईएसआई के स्टाफ को यहां लगाए जाने की संभावनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त मेडिकल स्टाफ के लिए और भी प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ऑक्सीजन एक बड़ा विषय था, लेकिन जिंदल स्टील लिमिटेड से यहां पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की सप्लाई मिल जाएगी। इस अस्पताल की स्थापना से जींद, कैथल, भिवानी तथा दादरी सहित कई अन्य जिलों को उपचार सुविधा मिलेगी।

 

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय प्रदेश में ऑक्सीजन की सप्लाई नियमित रूप से हो रही है। पिछले दिनों ऑक्सीजन की कमी इसलिए आई थी, क्योंकि प्रदेश में इसका उत्पादन काफी कम था, अब उत्पादन को लेकर गंभीर प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि पीएम केयर व डीआरडीओ द्वारा प्रदेश में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए जा रहे है, निजी अस्पतालों में भी ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए जाने के निर्देश दिए गए है।

 

इस अवसर पर राज्य मंत्री अनूप धानक, जेजेपी जिलाध्यक्ष रमेश गोदारा, राष्ट्रीय संगठन सचिव राजेन्द्र लितानी, प्रदेश प्रवक्ता व जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट मनदीप बिश्नोई, डॉ अजीत सिंह, सजन लावट, हल्का अध्यक्ष निगम पार्षद अमित ग्रोवर, एडवोकेट तरुण गोयल, जेजेपी युवा जिलाध्यक्ष सिल्क पूनियां सहित अन्य वरिष्ठ जिला अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।