सरकार करेगी DC रेट वेतन में संशोधन सवा लाख कर्मियों को होगा फायदा

सरकार करेगी DC रेट वेतन में संशोधन सवा लाख कर्मियों को होगा फायदा

सरकार करेगी DC रेट वेतन में संशोधन 
महंगाई दर के अनुसार बढ़ाया जाएगा
सवा लाख कर्मियों को होगा फायदा

हरियाणा सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में तय डीसी रेट में संशोधन करने का फैसला किया है। इससे प्रदेश में तैनात सवा लाख कर्मचारियों को फायदा होगा। तीन श्रेणियों और तीन ग्रुपों में तय किए जाने वाले इन रेट के कारण कर्मचारियों की तनख्वाह न्यूनतम 17 हजार 390 से अधिकतम 24 हजार 670 तक हो जाएगी। डीसी रेट अकुशल, अर्धकुशल कुशल श्रमिकों की मजदूरी होती है, जो उपायुक्तों की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति द्वारा तय की जाती है। राज्य सरकार ने इस मामले की समीक्षा करके न्यूनतम मजदूरी तथा जिला विशेष उपभोक्ता मूल्य के सिद्धांतों पर डीसी रेट तय करने का निर्णय लिया है। प्रदेश के मुख्य सचिव के नेतृत्व में सामान्य प्रशासन विभाग सभी श्रेणियों और जिलों के लिए डीसी रेट तय करेगा। इससे इन दरों को युक्तिसंगत बनाया जा सकेगा और इससे कर्मचारियों को लाभ होगा। रेट में बढ़ोतरी होने पर अलग-अलग विभागों में डीसी रेट पर तैनात करीब सवा लाख कर्मचारियों को इसका फायदा होगा। डीसी रेट में प्रदेश के जिलों को लिविंग स्टैंडर्ड के अनुसार तीन भागों में बांटा गया है। श्रेणी-ए में गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और सोनीपत, श्रेणी-बी में पानीपत, झज्जर, पलवल, करनाल, अंबाला, हिसार, रोहतक, रेवाड़ी, कुरुक्षेत्र, कैथल, यमुनानगर, भिवानी, जींद तथा श्रेणी-सी में महेंद्रगढ़, फतेहाबाद, सिरसा, नूंह और चरखी दादरी शामिल हैं। डीसी रेट समूह के अनुसार अर्थात ग्रुप-बी (स्किल्ड), ग्रुप सी-1 (सेमी स्किल्ड नॉन टेक्निकल), ग्रुप सी-2 (सेमी स्किल्ड II-टेक्निकल (सेमी स्किल्ड II-टेक्निकल) और ग्रुप डी (अनस्किल्ड) में लागू किया जाएगी। महंगाई दर के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए सालाना 5 प्रतिशत की वृद्धि की अनुमति दी जाएगी। राज्य सरकार के डीसी रेट में संशोधन के निर्णय से रेट को लगातार अपडेट किया जा सकेगा, जिससे कर्मचारियों को लाभ होगा। डीसी रेट का प्रारंभिक उद्देश्य आसानी से उपलब्ध श्रम दर है, जिसका उपयोग, समय की कमी के कारण आउटसोर्सिंग भर्ती का समय नहीं होने के कारण आपातकालीन स्थिति जैसे बाढ़ नियंत्रण कार्यों के लिए श्रमिकों को लगाया जा सकेगा।