निपाह वायरस के दिखें ये लक्षण तो हो जाएं सतर्क

निपाह वायरस के दिखें ये लक्षण तो हो जाएं सतर्क

निपाह वायरस के दिखें ये लक्षण तो हो जाएं सतर्क

विश्व स्वास्थ संगठन के मुताबिक निपाह वायरस इंसानों में एसिम्प्टोमैटिक इंफेक्शन से लेकर एक्यूट रेस्पिरेटरी इंफेक्शन और घातक इन्सेफलाइटिस का खतरा पैदा करता है। यह बीमारी जानवरों से इंसानों के बीच फैलती है। निपाह वायरस चमगादड़ और सूअर से इंसानों में फैल सकता है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आकर दूसरे लोगों को यह बीमारी हो सकती है।निपाह वायरस एसिम्प्टोमैटिक इंफेक्शन से लेकर एक्यूट रेस्पिरेटरी इंफेक्शन और घातक इन्सेफलाइटिस तक हो सकता है। शुरुआती लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी और गले में खराश शामिल हैं। इसके बाद चक्कर आना, सांस लेने में तकलीफ होना, मूड स्विंग, बेहोशी और तंत्रिका संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन के अनुसार वायरस से संक्रमित रोगियों को निमोनिया भी हो सकता है और गंभीर मामलों में इन्सेफलाइटिस और हार्ट अटैक तक पड़ सकता हैं जो 24 से 48 घंटों के भीतर आ सकता है। निपाह वायरस के लक्षण किसी भी इंसान में 5 से 14 दिन के भीतर दिख सकते हैं, लेकिन कुछ मामलों में ये 45 दिनों तक खिंच सकता है। निपाह वायरस की शुरुआती स्टेज के बारे में जानना थोड़ा मुश्किल है। RT-PCR टेस्ट के अलावा PCR, सीरम न्यूट्रिलाइजेशन टेस्ट के द्वारा भी इस वायरस का पता लगया जा सकता है।

निपाह वायरस से ऐसे करें बचाव

  • कच्चे खजूर खाने से बचें।
  • संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें। 
  •  फलों को अच्छे से धोकर ही खाएं
  • अपने हाथों को नियमित रूप से साबुन और पानी से धोएं
  • चमगादड़ और सुअर के संपर्क में आने से बचें।