हरियाणा में लोगों के करोड़ो डकारने का आरोपी जेल से अस्पताल जाकर पुलिसवालों संग ले रहा मौज, छलका रहा जाम

हरियाणा में लोगों के करोड़ो डकारने का आरोपी जेल से अस्पताल जाकर पुलिसवालों संग ले रहा मौज, छलका रहा जाम

हरियाणा में लोगों के करोड़ो डकारने का आरोपी जेल से अस्पताल जाकर पुलिसवालों संग ले रहा मौज, छलका रहा जाम

फरीदाबाद। हरियाणा के जिले फरीदाबाद के मशहूर एसआरएस ग्रुप के चेयरमैन और लोगों के करोड़ों रुपये डकार जाने वाला गबन का आरोपी अनिल जिंदल फिलहाल नीमका जेल में बंद हैं।  इस बीच वो अस्पताल में उपचार के बहाने अपनी थकान दूर करने के लिए एडमिट हो गया है।  जहां पर उसे शराब के साथ-साथ और भी सुविधाएं दी जा रही हैं।  दरअसल इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। जो अस्पताल की सच्चाई दिखा रहा है। वायरल वीडियो 28 और 29 अगस्त का है। जब अनिल जिंदल इलाज के बहाने शहर के नामी मेट्रो अस्पताल में दाखिल करवाया गया।  वीडियो में अनिल शराब की कैन के साथ दिखाई दे रहा है।  मेट्रो अस्पताल में नाइट सिक्योरिटी के पद पर तैनात युवक ने बताया कि जब उसने अनिल जिंदल को शराब पीने से मना किया तो वो बड़े डॉक्टर की अप्रोच के साथ राजनेताओं का नाम लेकर डराने लगा।वीडियो में अनिल जिंदल के साथ पुलिसकर्मी भी दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में दावा किया गया है कि पुलिसकर्मी भी अनिल जिंदल के साथ अस्पताल में शराब पी रहे थे।  संदीप नाम के सिक्योरिटी गार्ड ने अपने संबंधित अधिकारियों से इसकी शिकायत की, लेकिन उसे चुप करवा दिया गया, और मामला रफा-दफा करने के लिए कहा गया। बता दें कि रियल एस्टेट, सिनेमा, फाइनेंस, हेल्थकेयर, माइनिंग और ज्वेलरी कारोबार से जुड़ी एसआरएस ग्रुप ऑफ कंपनीज के चेयरमैन अनिल जिंदल को चार कारोबारी साथियों समेत (बिशन बंसल, नानक चंद तायल, विनोद मामा और देवेंद्र अधाना) पुलिस ने दिल्ली के महिपालपुर में आमरा होटल से गिरफ्तार किया था।  इनके ऊपर रियल एस्टेट कारोबार में मोटे मुनाफे और ब्याज का लालच देकर निवेशकों के सैकड़ों करोड़ रुपये डकारने का आरोप है।  निवेशकों का आरोप है कि बैंक लोन समेत 30 हजार करोड़ का घोटाला है। 

एसआरएस ग्रुप का कारोबार दिल्ली-एनसीआर के अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़, राजस्थान तक फैला हुआ है।  अनिल जिंदल व उसके साथियों पर लोगों से कई तरीके से धोखाधड़ी का आरोप है।  बड़ी संख्या में लोगों को रियल एस्टेट में मोटे मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये निवेश कराए गए, बाद में ना रुपया वापस किया ना ही फ्लैट या दुकान दी गई।  ऐसे लोग भी बड़ी संख्या में हैं, जिन्हें हर महीने मोटे ब्याज का लालच देकर निवेश कराया गया।  बाद में ब्याज देना बंद कर दिया और मूल रकम लौटाने से भी पल्ला झाड़ लिया