जींद में खाकी की धक्केशाही ऑक्सीजन सिलेंडर ले जा रही गाड़ी को  रातभर चौकी में रखा, वक्त पर नहीं मिल  पाने से गाजियाबाद में कोरोना मरीज की मौत

जींद में खाकी की धक्केशाही ऑक्सीजन सिलेंडर ले जा रही गाड़ी को  रातभर चौकी में रखा, वक्त पर नहीं मिल  पाने से गाजियाबाद में कोरोना मरीज की मौत

जींद में खाकी की धक्केशाही
ऑक्सीजन सिलेंडर ले जा रही गाड़ी को 
रातभर चौकी में रखा, वक्त पर नहीं मिल 
पाने से गाजियाबाद में कोरोना मरीज की मौत

जींद। जींद में पुलिस पर धक्केशाही का आरोप लगा है। कहा जा रहा है कि ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर जा रही गाड़ी को पकड़कर पुलिस ने रातभर चौकी में रखा। हालांकि उसने जरूरमंद कोरोना मरीज से फोन पर बात भी करवाई, लेकिन रौब के भूखे खाकी वालों ने एक न सुनी। सुबह बिना कार्रवाई के ही छोड़ दिया। आखिर नतीजा यह हुआ कि वक्त पर ऑक्सीजन नहीं मिल पाई और मरीज ने दम तोड़ दिया। यह अलग बात है कि पुलिस वाले इस तरह के आरोप से इन्कार भी करते नजर आ रहे हैं। पंजाब के धुरी निवासी गुरप्रीत ने डीआईजी  ओम प्रकाश नरवाल को दी शिकायत में बताया कि वह धुरी के ट्रांसपोर्ट राजेंद्र सिंह के पास गाड़ी चालक का काम करता है। उनके ट्रांसपोर्ट के अकाउंटेंट राहुल गोयल का ससुर गाजियाबाद निवासी ललित मोहन कोरोना संक्रमित था और वह घर पर ही ऑक्सीजन सपोर्ट था। सोमवार को दिल्ली में ऑक्सीजन का सिलेंडर नहीं मिलने पर राहुल गोयल ने ट्रांसपोर्ट राजेंद्र सिंह को बताया कि रात को 3 बजे की ऑक्सीजन उनके पास है, इसलिए पंजाब से दो सिलेंडरों की व्यवस्था करके उसे दिल्ली के लिए रवाना किया था। गाजियाबाद जा रही गाड़ी को जींद में गतौली चौकी के पास नाके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने रात करीब 11 बजे रुकवा लिया। चालक को चौकी में बंद कर दिया। सुबह उसे नागरिक अस्पताल जींद में ले जाया गया। यहां से चालक को बिना कार्रवाई के छोड़ दिया गया। आरोप यह है कि रात को गाड़ी के चालक ने कोरोना संक्रमित के पास वीडियो कॉल करके बात भी करवाई,लेकिन पुलिस कर्मियों का फिर भी दिल नहीं पसीजा। ऑक्सीजन नहीं मिलने से मंगलवार सुबह कोरोना पॉजिटिव ने दम तोड़ दिया।
इसके बाद दोपहर में उसके रिश्तेदार संबंधित गाड़ी के चालक को साथ लेकर डीआईजी से मिले। इन्होंने गतौली चौकी प्रभारी वीरेंद्र के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। डीआईजी ने इस मामले की जांच डीएसपी पुष्पा खत्री को सौंप दी है।
उधर चौकी प्रभारी गतौली वीरेंद्र सिंह से बात की गई तो उनका कहना था कि पुलिस पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। वीरेंद्र सिंह ने कहा कि रात को पंजाब के नंबर की गाड़ी को रुकवाया गया। इसमें दो ऑक्सीजन सिलेंडर मिले। चालक मौके पर जरूरी कागजात नहीं दिखा पाया। बाद में उसने कागजात दिखा दिए तो उसे रात में ही छोड़ दिया गया था।