कार चलाने वालों के लिए आई सबसे जरूरी खबर, 30 सितंबर है आखिरी तारीख

कार चलाने वालों के लिए आई सबसे जरूरी खबर, 30 सितंबर है आखिरी तारीख

कार चलाने वालों के लिए आई सबसे जरूरी खबर, 30 सितंबर है आखिरी तारीख

अगर आप गाड़ी या कोई वाहन चलाते हैं, तो ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. अब आपको 30 सितंबर से पहले अपनी गाड़ियों पर High Security Registration Plates (HSRP) लगवाना अनिवार्य है. जिन वाहनों पर एचएसआरपी नहीं होगा, उनका भारी भड़कम चालान भी हो सकता है. हालांकि अभी ये सख्ती नोएडा, गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में रहेगी. 

जानकारी के मुताबिक सरकार ने पहले ही एचएसआरपी लगवाने के आदेश दे दिये थे, इसके लिए लोगों को पर्याप्त समय भी दिया गया. लेकिन अब प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है. लोगों को शख्त हिदायत दी गई है कि 30 सितंबर से पहले वाहनों पर एचएसआरपी लगवा लें या उसके लिए रजिस्ट्रेशन कर दें. गाजियाबाद के आरटीओ प्रशासन विश्वजीत प्रताप सिंह ने कहा है कि जिन वाहनों के मालिकों ने अभी तक एचएसआरपी नहीं लगवाई है. वे 30 सितंबर तक इसे अनिवार्य रूप से लगवा लें. अगर ऐसा नहीं किया तो उनका चालान हो सकता है.

क्या कहते हैं आंकड़े

शासन के निर्देश पर सभी वाहनों पर एचएसआरपी लगवाने  लिए यह सारी कवायद की जा रही है. आंकड़ों के अनुसार गाजियाबाद में 1 अप्रैल 2019 से पहले तक 62,605 वाहन रजिस्टर हैं, जिसमें से 19,000 से अधिक वाहनों में अब तक एचएसआरपी लग चुकी है. जबकि अप्रैल 2019 से पहले  7,77,091 रजिस्टर हैं, उनमें से 2,20,473 वाहनों पर एचएसआरपी लग चुकी है.

क्या होता है एचएसआरपी

एचएसआरपी एल्युमिनियम की बनी एक यह नंबर प्लेट होती है, जो दो नॉन-रियूजेबल लॉक से ही लगाई जाती है. अगर ये लॉक टूट जाते हैं तो फिर साफ हो जाता है कि नंबर प्लेट से छेड़छाड़ की गई है. इसके साथ ही इस पर क्रोमियम धातु में नीले रंग का अशोक चक्र का होलोग्राम होता है जो 20×20 मिमी के आकार का होता है. इस प्लेट में नीचे की ओर बाईं तरफ एक 10 अंकों का पिन होता है जिसे लेजर से बनाया जाता है, जिससे गाड़ी की सुरक्षा मजबूत हो जाती है. इसके अलावा नंबर प्लेट पर लिखा गाड़ी का नंबर भी थोड़ा उभरा होता है और इस पर इंडिया लिखा रहता है.बता दें, भारत में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने अप्रैल 2019 से पहले खरीदी गईं सभी गाड़ियों पर एचएसआरपी अनिवार्य कर दिया था. मंत्रालय ने इस योजना की शुरुआत 31 मार्च 2005 से की थी और गाड़ियों को यह प्लेट लगवाने के लिए दो साल का समय दिया था लेकिन आज भी देश में एचएसआरपी के बिना धड़ल्ले से गाड़ियां सड़कों पर दौड़ रही हैं.