भिवानी की बेटी नीतू घनघस को मिला अर्जुन अवार्ड

हरियाणा के भिवानी की बेटी नीतू घनघस को अर्जुन अवॉर्ड मिला है। इस बारे में जानकारी देते हुए भिवानी बॉक्सिंग क्लब में नीतू घनघस ने कहा कि उनका अगला लक्ष्य 2028 के ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीतना है। उन्होंने कहा कि अर्जुन अवॉर्ड मिलने से उनका हौसला बढ़ेगा इसका श्रेय उन्होंने अपने माता पिता और कोच को दिया।
द्रोणाचार्य अवार्ड कोच जगदीश ने कहा कि राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों में भिवानी बॉक्सिंग क्लब के 7 खिलाड़ियों को अर्जुन अवार्ड मिल चुका है। यह अवार्ड मिलने से खिलाड़ियों का हौसला बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि देश के पहले ओलंपिक पदक विजेता बॉक्सर विजेंदर ने इसकी शुरुआत की थी। विजेंद्र को खेल रत्न और पदम श्री अवार्ड भी मिला है। इसी के साथ साथ उन्होंने उम्मीद जताई है। आने वाले ओलंपिक 2028 में इस क्लब की अन्य खिलाड़ी पदक जीतेंगे। इसके साथ-साथ उन्होंने कहा कि इस अवार्ड के मिलने से अन्य खिलाड़ियों का हौसला भी बढ़ेगा।
बॉक्सर नीतू के पिता जय भगवान ने बताया कि आज बेटी को अर्जुन अवार्ड मिला है। इसको लेकर उन्हें बहुत खुशी है इसके लिए उन्होंने कहा कि उनके कोच जगदीश क्लब के प्रधान कमल सिंह और बेटी नीतू ने बहुत मेहनत की थी। उन्होंने बताया कि नीतू पिछले 12 सालों से बॉक्सिंग कर रही है। इसके लिए उन्होंने कहा कि नीतू का अगला लक्ष्य है 2028 की ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतना है। उन्होंने कहा कि नीतू ने कॉमनवेल्थ में गोल्ड और तीन बार वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता है और उन्होंने उम्मीद जताई है कि अगले ओलंपिक में नीतू गोल्ड मेडल जीतेगी और देश का नाम रोशन करेगी।
भिवानी बॉक्सिंग क्लब प्रधान कमल सिंह ने कहां की पुत के पांव पालने में दिख जाते हैं। नीतू बचपन से ही होनहार खिलाड़ी थी। उसने कॉमनवेल्थ गेम और वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता है। उन्होंने कहा कि आज तक किसी भी भारतीय खिलाड़ी बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल नहीं जीता है। आने वाले ओलंपिक में नीतू 2028 में गोल्ड मेडल जीतेगी। उन्होंने कहा कि भिवानी बॉक्सिंग क्लब के पांच पुरुष में नीतू से दो महिला मुक्केबाज ने अर्जुन अवार्ड जीता है। यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि पर उनके माता-पिता और कोच बधाई के पात्र है।