हमला करेंगे तो पुलिस माला नहीं पहनाएगी: डिप्टी सीएम

हमला करेंगे तो पुलिस माला नहीं पहनाएगी: डिप्टी सीएम

हमला करेंगे तो पुलिस माला नहीं पहनाएगी: डिप्टी सीएम

हरियाणा के करनाल में किसानों पर हुए लाठीचार्ज पर सीएम मनोहर लाल खट्टर और डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला का बयान आया है।  दोनों ने कहा कि आंदोलन अपने रास्ते से भटक गया और अब अराजकता की तरफ जाता दिख रहा है। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने यह भी कहा कि पंजाब-यूपी के लोग हरियाणा आकर माहौल खराब कर रहे हैं।  'सिर फोड़ देना' वाले वायरल बयान पर बात करते हुए मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि SDM के शब्दों का चयन गलत था और इसपर कार्रवाई की जाएगी।

किसानों पर हुए लाठीचार्ज पर बोले हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्‍यंत चौटाला का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि "पुलिस का काम लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखना हैं, इसलिए पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा। घटना का एक वीडियो सामने आया है जिसमें प्रदर्शनकारी वहां तैनात पुलिसकर्मियों पर हमला करते दिख रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की। अब अगर पुलिस पर हमला कर करोगे तो वह माला तो नहीं पहनाएगी, लाठी ही चलाएगी। 

दुष्‍यंत चौटाला ने कहा कि करनाल में हुई घटना के सामने आए वीडियो से साफ हो जाता है कि पुलिसकर्मियों पर पहले प्रदर्शनकारियों ने हमला किया। उन्‍होंने कहा, यदि आप पर कोई हमला करता है तो आप उसे माला नह‍ीं पहनाएंगे। करनाल में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर हमला करने की कोशिश की तो पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।  पुलिस का काम कानून व व्‍यवस्‍था को बनाए रखना होता है। ऐसे में अराजकता और अशांति होगी तोे उसे कार्रवाई करनी पड़ेगी। करनाल में ऐसी ही स्थिति बन गई थी और इस कारण पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी। किसान संगठनों के आंदोलन पर सवाल उठाते हुए दुष्‍यंत चौटाला ने कहा कि आंदोलन के नाम पर हिंसा , ताेड़फोड़ और अराजक माहौल पैदा करना गलत है। इयसे कतई सहन नहीं किया जा सकता।

उन्‍होंने कहा कि पिछले करीब नौ महीने से जिस तरह विरोध प्रदर्शन के नाम पर हिेंसा और अराजकता हो रही है उसमें सरकार ने बहुत धैर्य से काम लिया है। इस दौरान बहुत कम शक्ति का प्रयोग किया गया है। लेकिन, आंदोलन के नाम पर लोगों को दिक्‍कत देना और राजनीतिक दलाें के कार्यक्रमों को बाधित करना सही नहीं है। इसे सहन नहीं किया जा सकता है।

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि आंदोलनकारी अराजक हो गए और कांग्रेस के इशारे पर चल रहे हैं। उनसे बार-बार बातचीत करने की अपील की जा रही है, लेकिन मसले का समाधान तो बिना बातचीत के निकल नहीं सकता। बता दें कि करनाल में प्रदर्शनकारी किसानों ने भाजपा के राज्‍यस्‍तरीय कार्यक्रम के मद्देनजर प्रदर्शन किया था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कार्यक्रम स्‍थल की ओर जाने से रोक दिया था। इस पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भिड़ंत हो गई। पुलिस ने इसके बाद प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया। इस घटना कई पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हो गए। इसके बाद से विपक्षी दलों के नेता और किसान संगठन राज्‍य की भाजपा-जजपा सरकार पर निशाना साध रहे हैं।

हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जिस दिन MSP, मंडियां खत्म होंगी उस दिन इस्तीफा दे दूंगा। वह बोले कि तीनों कानूनों में कुछ बदलाव की जरूरत है, जिसके लिए सरकार चर्चा को तैयार है लेकिन अब किसान संगठन चर्चा में नहीं आते। चौटाला बोले कि आंदोलन जिस ट्रैक पर था, उससे भटक गया है।  अब अराजकता की स्थिति है. मंत्रियों, डिप्टी स्पीकर की गाड़ियों पर हमले हो रहे हैं।  SDM आयुष सिन्हा के सवाल पर चौटाला ने कहा कि उनकी नई-नई नौकरी (3 साल) है हो सकता है जोश-जोश में, पुलिस बल का उत्साह बढ़ाने के लिए ऐसी बात कही हो क्योंकि जहां उनकी ड्यूटी थी वहां कोई लाठीचार्ज नहीं हुआ।  चौटाला ने आगे कहा कि 9 महीने में हरियाणा सरकार ने कोशिश की है कि बल का प्रयोग ना हो, लेकिन यूपी-पंजाब के लोग आकर माहौल खराब कर रहे हैं। 

वहीँ हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि वह किसानों से कभी भी बात करने को तैयार हैं लेकिन किसानों द्वारा कानून को हाथ में लेना गलत है।  उन्होंने कहा कि सरकारी काम में बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  हरियाणा सीएम ने आगे कहा, 'तीन कानूनों को रद्द करने की बात ठीक नहीं है। किसान जो बदलाव चाहते हैं, उनपर बात करें। ' SDM आयुष सिन्हा पर मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि उनकी भाषा ठीक नहीं थी. वह बोले, 'कानून व्यवस्था बनाए रखना सब का अधिकार है।  उन्होंने (SDM) भी यही कहा था कि कोई भी कानून को तोड़ेगा तो सख्ती से निपटा जाएगा, लेकिन फिर भी चीफ सेक्रेटरी इस मामले की जांच कर रहे हैं और जांच के बाद जो भी चीजें सामने आएंगी, उसके हिसाब से आगे कार्रवाई होगी। '

किसानों के 6 तारीख के अल्टीमेटम पर खट्टर ने कहा कि प्रदर्शन करने से किसी को एतराज नहीं है, लेकिन कानून किसी को भी हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा। किसान की मौत के मामले में मुख्यमंत्री ने कहा, 'जिस किसान की मौत हुई है वह प्रदर्शन के दौरान नहीं हुई।  वह घर पर गए रात को आराम से खाना पीना किया और सुबह मृत मिले।'

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कह दिया कि आइएएस अधिकारी के बोलने का अंदाज भले ही उचित नहीं हैं, लेकिन इस वीडियो का आंदोलनकारियों से कोई संबंध नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा था कि आंदोलन स्थल घरौंडा के पास बसताड़ा टोल प्लाजा था, लेकिन वीडियो वहां से करीब 15 किलोमीटर दूर करनाल शहर की है। लाठीचार्ज की घटना और आइएएस अधिकारी के वीडियो में बोले जा रहे शब्दों का आपस में कोई संबंध नहीं है।

 बता दें कि सीएम खट्टर का विरोध करने पर करनाल में किसानों पर लाठीचार्ज हुआ था। करनाल के घरौंडा के टोल पर किसानों ने मुख्यमंत्री खट्टर के एक कार्यक्रम के विरोध में प्रदर्शन किया था, जिसमें पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी। इस लाठीचार्ज में कई किसानों को काफी चोटें भी आईं।

मनोहर लाल खट्टर के बयान पर किसान नेता चौधरी वीरेंद्र सिंह की प्रतिक्रिया भी आई है।  उन्होंने कहा कि करनाल में लाठीचार्ज गलत था क्योंकि किसान तब शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे।  उन्होंने कहा कि अधिकारी सिर्फ आदेशों का पालन करते हैं, ऐसे में लाठीचार्ज का आदेश किसने दिया इसकी जांच होनी चाहिए।  SDM द्वारा अपने बयान पर माफी मांगने पर सिंह ने कहा कि इसका मतलब है कि SDM ने माना है कि उन्होंने गलती की थी, इसलिए उनपर एक्शन हो।  सिंह ने कहा कि खट्टर को ऐसा कोई बयान नहीं देना चाहिए, जिससे आंदोलन और भड़क जाए।