रोहतक मर्डर केस:अपनों की जान लेने वाला बेटा जेंडर चेंज करा दोस्त के साथ भागना चाहता था विदेश

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रोहतक मर्डर केस:अपनों की जान लेने वाला बेटा जेंडर चेंज करा दोस्त के साथ भागना चाहता था विदेश
समलैंगिक है बबलू पहलवान का बेटा, दोस्ताना संबंधों में फैमिली रोड़ा बन रही थी, इसलिए बहा दिया खून

रोहतक में बबलू पहलवान, उनकी पत्नी, बेटी व सास की हत्या के मामले में हैरान कर देने वाला खुलासा हुआ है। अपने ही परिवार का वजूद मिटाने वाला आरोपी बेटा मोनू समलैंगिक है। रिमांड के दौरान पुलिस पूछताछ में माेनू ने खुलासा किया है कि वह सेक्स रिअसाइन्मेंट सर्जरी के जरिए अपना जेंडर चेंज कराना चाहता था। सर्जरी के लिए पिछले एक साल से इंटरनेट पर इस तरह के क्लीनिक्स के बारे में जानकारी जुटा रहा था। जेंडर चेंज कराकर वह उत्तराखंड के दोस्त के साथ विदेश भागना चाहता था। परिवार को इसका पता चला तो उसे पीटा। इससे गुस्सा होकर उसने वारदात को अंजाम दिया। सूत्रों के अनुसार, हत्याकांड में प्रॉपर्टी विवाद का कोई एंगल नहीं मिला है।

दोस्ताना संबंध- नैनीताल के युवक से चार साल से दोस्ती, जेंडर चेंज को 5 लाख मांगे

इस हत्याकांड के पीछे सबसे बड़ा कारण मोनू का समलैंगिक होना बताया जा है। मोनू उत्तराखंड के नैनीताल के एक युवक के साथ पिछले 4 साल से दोस्ताना संबंधों में था। दोनों की दोस्ती 4 साल पहले दिल्ली में केबिन क्रू कोर्स के दौरान हुई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जेंडर चेंज कराने के बाद मोनू अपने दोस्त के साथ विदेश भागना चाहता था।

वह परिवार से जिन 5 लाख रुपए को लेकर तकाजा कर रहा था, वह रुपए भी दोस्त को उधार दिला रहा था। लेकिन, वह इन रुपयों को अपने पास रखता और सर्जरी में खर्च करता। परिवार को इसका पता चला तो उन्होंने रुपए देने से मना कर दिया। इससे मोनू नाराज था। अभी तक की पूछताछ में मोनू ने अपनी समलैंगिकता को लेकर ही हत्याकांड को अंजाम देने की बात कबूल की है।

ऐसा लगाव- परिजनों ने पीटा तो सीने पर दोस्त का टैटू गुदवाया, अपनों को मारा

पुलिस जांच में सामने आया है कि करीब डेढ़ महीने पहले परिजनों ने मोनू को उसके दोस्त के साथ संबंध रखने पर लताड़ा था। यहां तक कि उसके पिता बबलू पहलवान ने उसे पीटा भी था। वे इकलौते बेटे की इन आदतों को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे। लेकिन मोनू परिवार की पिटाई के बाद आक्रोश में था। उसने एक माह पहले अपने सीने पर दोस्त के नाम का टैटू गुदवा लिया।

25 अगस्त को उसकी नानी भी समझाने के लिए घर आई थी। लेकिन मोनू सभी को भला बुरा कहते हुए घर से चला गया। वह 2 दिन शहर के एक होटल में अपने उत्तराखंड के दोस्त के साथ ठहरा रहा। हालांकि, परिजनों को उसने ये बात फोन पर बता दी थी। लेकिन, 27 अगस्त को वह सुबह 11:00 बजे घर आया और वारदात को अंजाम देकर वापस होटल में चला गया।

क्राइम सीन: सुबह 5 बजे घर लाकर पुलिस ने वारदात के बारे में जाना

चार हत्याओं के आरोपी मोनू को रोहतक पुलिस अभी मीडिया से पूरी तरह बचाकर चल रही है। इसलिए पुलिस ने गुरुवार को अलसुबह 5:00 बजे मोनू को उसके विजयनगर स्थित घर पर लाकर क्राइम सीन रीक्रिएट कराया। यहां पुलिस 45 मिनट तक मोनू को लेकर जांच-पड़ताल करती रही। मोनू ने यहां सबसे पहले अपनी बहन तमन्ना उर्फ तन्नू, फिर नानी रोशनी, मां संतोष उर्फ बबली और पिता प्रदीप मलिक उर्फ बबलू को मौत के घाट उतारने की पूरी घटना को सिलसिलेवार ढंग से बताया।