सीएम खट्टर के भाई के अंतिम संस्कार से लौट रहे विधायकों को किसानों ने दिखाए काले झंडे

सीएम खट्टर के भाई के अंतिम संस्कार से लौट रहे विधायकों को किसानों ने दिखाए काले झंडे

हिसार। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के छोटे भाई गुलशन खट्टर की कल मृत्यु हो गई थी और इस दुःख की घड़ी में अधिकतर भाजपा के नेता अंतिम संस्कार में पहुंचे थे। लेकिन लौटते हुए नेताओं को किसानों ने काले झंडे दिखाए, उनकी गाड़ियां रुकवाई और अपमानजनक बातें कहीं। हालाँकि ये कोई राजनैतिक बैठक नहीं थी फिर भी किसानों ने हिसार लौट रहे राज्यमंत्री अनूप धाणक और विधायक डॉ. कमल गुप्ता की गाड़ी को किसानों ने रामायण टोल पर रुकवा लिया। इस दौरान किसानों ने दोनों को काले झंडे दिखाकर विरोध किया और अपमानजनक भाषा शैली का प्रयोग किया।       

किसान विधायक की गाड़ी के आगे खड़े हो गए और जिस मुद्दे पर विधायक पूर्व में ही माफी मांग चुके हैं उसी बात पर फिर से माफी मांगने की बात पर किसान अड़ गए। विधायक कमल गुप्ता से किसानों ने कहा कि वह देश के तिरंगा के सम्मान करते हैं और उस दिन वह शब्द गलती से उनके मुंह से निकल गया था। उन्होंने कहा कि इस बारे में वह उसी समय स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं और यहां तक की माफी भी मांग चुके हैं। किसान माफी मांगने की बात पर अड़े रहे। विधायक की बात सुनने के बाद किसानों ने उनके काफिले को जाने दिया। 

बता दें कि पिछले दिनों हिसार में तिरंगा यात्रा के दौरान विधायक डा. कमल गुप्ता की जुबान फिसल गई थी। उन्होंने सम्मान के स्थान पर गलती से अपमान शब्द बोल दिया था। हालांकि विधायक ने तुरंत ही अपना शब्द वापिस लेते हुए कहा था कि गलती से वो शब्द उनकी जुबान से निकल गया। डॉ. गुप्ता द्वारा खेद प्रकट करने के बाद किसानों ने राज्यमंत्री अनूप धाणक और डॉ. गुप्ता को वहां से आगे जाने दिया। इस पूरे प्रकरण पर डॉ. गुप्ता ने कहा कि रामायण टोल पर कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया था। वे तिरंगे वाले बयान पर माफी की मांग कर रहे थे। हालांकि, वह एक बार पहले भी माफी मांग चुके हैं। उन्होंने दोबारा ऐसा करने को कहा तो उन्होंने खेद प्रकट कर दिया।

दरअसल 8 अगस्त को नलवा हलके में तिरंगा यात्रा निकाली गई थी। इस मौके पर डॉ. कमल गुप्ता ने गलती से ब्यान दे दिया कि हर भारतीय को तिरंगे का अपमान करना चाहिए। इससे पहले रामायण टोल पर धरनारत किसान विधायक जोगीराम सिहाग, डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा, भाजपा अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़, सुखबीर बादल को भी किसान काले झंडे दिखा चुके हैं। ये सब देख कर लगता है कि किसानों के पास अंतिम संस्कार से आते हुए इन नेताओं को परेशान करने का और कोई बहाना नहीं बचा था जो पुराने मुद्दों पर ही नेताओं को घेर रहे हैं जो पूर्व में खत्म हो चुके हैं। 

विधायक डा. कमल गुप्ता ने कहा कि कुछ लोगों ने मेरी गाड़ी को रूकवा लिया था। उन लोगों ने मुझसे कहा कि आप हमारे फेवर में नहीं बोलते। इसके बाद उन्होंने तिरंगे के अपमान की बात कही तो मैंने कहा कि मैं उसके लिए माफी मांग चुका है। इसके बाद लोगों ने कहा कि अब दोबारा कह दो तो मैंने दोबारा कह दिया।