फरीदाबाद नगर निगम महा घोटाला फर्जी बिल बनाकर करोड़ों डकारने वाले अधिकारियों पर कब गिरेगी गाज

फरीदाबाद नगर निगम महा घोटाला फर्जी बिल बनाकर करोड़ों डकारने वाले अधिकारियों पर कब गिरेगी गाज

नगर निगम में बिना काम किए फर्जी बिलों से करोड़ों रुपए का गबन करने के मामले में आई जांच रिपोर्ट में दोषी अधिकारियों और ठेकेदार पर बेहद सख्त टिप्पणी की गई है।
इतना ही नहीं उच्च अधिकारियों को भेजी गई जांच रिपोर्ट में दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने की भी सिफारिश की गई है, लेकिन अब तक किसी के भी खिलाफ कोई कार्यवाही ना होना संदेह पैदा कर रहा है।

बता दें कि नगर निगम के कई वार्ड में बिना किसी काम के फर्जी बिल बनाकर करोड़ों रुपए डकार लिए गए। जब इसकी शिकायत कुछ पार्षदों ने नगर निगम कमिश्नर से की तो उनकी तरफ से जांच कमेटी बना कर मामले की जांच करवाई गई। जिसमें करोड़ों रुपए के हेरा फेरी का मामला सामने आया।
 इसी दौरान जिन अधिकारियों पर ठेकेदार के साथ मिलकर गबन के आरोप लग रहे थे, उनका अन्य जिलों में ट्रांसफर कर दिया गया। 
जांच के दौरान दोषी अधिकारियों ने कोई भी सहयोग नहीं किया।
जब इस मामले की जांच चल रही थी तो ऐसे में रिकॉर्ड रूम में भी आग लगा दी गई। जिससे बहुत से सबूत जलकर नष्ट हो गए।
जांच रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा किया गया है कि इस आग लगने के मामले में भी अधिकारी और ठेकेदार की मिलीभगत थी।
जांच रिपोर्ट के आधार पर निगम कमिश्नर ने कुछ छोटे अधिकारियों पर तो कार्यवाही करते हुए उन्हें बर्खास्त कर दिया लेकिन करोड़ों रुपए के गबन के मामले में बड़े अधिकारियों पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।

जांच रिपोर्ट के आधार पर चंडीगढ़ में बैठे उच्च अधिकारियों को इन चारों अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए सस्पेंड करने और गबन का मुकदमा दर्ज करने की भी सिफारिश की गई है।

लेकिन अब तक कोई भी कार्रवाई ना होना उच्च अधिकारियों की मंशा पर सवाल उठ रहा है।

ये हैं जांच रिपोर्ट में आरोपित अधिकारी

फरीदाबाद में तैनात तत्कालीन चीफ इंजीनियर डीआर भास्कर।

तत्कालीन XEN रमन शर्मा।

तत्कालीन अकाउंट ऑफिसर विकास

तत्कालीन अकाउंट ऑफिसर सतीश शर्मा।