सोनाली फोगाट ने पति की मौत से उठाया पर्दा, बताया कैसे हुई थी मौत ?

सोनाली फोगाट ने पति की मौत से उठाया पर्दा, बताया कैसे हुई थी मौत ?

भाजपा नेत्री सोनाली फोगाट कई दिनों से फेसबुक पर लाइव होकर किसान आंदोलन के मुद‍्दे पर बयान दे रही हैं औऱ सरकार का साथ दे रही हैं। इस वजह से वो कई बार युजर्स के निशाने पर भी आई। इसलिए वीरवार को भी फेसबुक पर लाइव होकर अपने पति की मौत के राज खोले। सोनाली ने कहा कि उनके पति संजय फोगाट ने आत्महत्या नहीं की थी और न ही उसने अपने पति की हत्या की है। जो लोग ऐसा बोल रहे हैं उनके खिलाफ मैं कोर्ट में जाऊंगी और पुलिस केस भी करूंगी।

सोनाली फोगाट ने कहा कि नेत्री के साथ-साथ मैं एक महिला भी हूं। मेरा परिवार भी है। पिछले कुछ दिनों से जो चीजें चल रही हैं में सोशल मीडिया के माध्यम से कुछ लोग मेरे बारे में बहुत ही गंदा मेरे बारे में लिख रहे हैं और बोल भी रहे हैं। लोग ये सब चीजें राजनीति का हिस्सा मानते हैं तो करें, जिसकी जैसी मानसिकता होती है वो वैसा ही लिखता है। लेकिन अगर कोई मेरे स्वर्गवासी पति संजय फोगाट के नाम पर कलंक लगाएगा तो उसको बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उसके खिलाफ मैं सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई के लिए कदम बढा़ने जा रही हूं।

एक छुटभैये नेता ने इस तरह का बयान दिया है जो बर्दाश्त के काबिल नहीं है और उनकी देखा देखी अन्य लोग भी सोशल मीडिया पर ये बातें लिख रहे हैं। मैं आप लोगों को बताना चाहती हूं कि मेरा परिवार हरियाणा के हिसार में रहता है और हिसार का ही गांव हरिता जहां से मेरा परिवार ताल्लुक रखता है। मेरी सास भी है, मेर देवर और जेठ भी हैं, मेरी बेटी भी है और भरा पूरा परिवार है। हम सब साथ में रहते हैं। अगर मेरे पति ने आत्महत्या की होती और या मैने उनको मारा होता तो क्या मैं इस घर में रह रही होती। मेरे पति आत्महत्या क्यों करेंगे, क्या कमी थी उनके पास। मेरे पति बहुत जिंदादिल आदमी थे, वे बहुत अच्छे से अपना जीवन जी रहे थे। सोनाली ने कहा कि आज मैं जिस मुकाम पर हूं वो मेरे पति की वजह से हूं। लेकिन कुछ लोगों को गलतफहमी है जो मेरे परिवार को जानते नहीं हैं। मेरे पति को नहीं जानते वे बाहरी लोगों के कैसे से सब बातें बनाते हैं।

जिस दिन मेरे पति की मौत हुई, उस समय मैं मुंबई में थी। हमारा खेत है हिसार से निकलते ही सात-आठ किलोमीटर दूर, वहां पर घर भी बने हुए हैं। वहां पर हमारे खेत में काम करने वाले दो परिवार भी रहते थे। उस परिवार में 15 आदमी थे जो खेत में काम करते थे। वहीं पर मेरी बड़ी जेठानी और उनका बेटा भी रहते थे। उस समय उन सब लोगों ने मेरे पति को संभाला। जैसे ही सुबह उठकर पता चला कि रात को मेरे पति का हार्ट फेल हुआ और सुबह उनको अस्पताल में ले जाया गया। सारा परिवार वहां मौजूद था। मैं मुंबई से शाम को पहुंची थी, लेकिन कुछ लोगों ने इसको राजनीति के तौर पर इतना गंदा और भद‍्दा मजाक बना दिया है कि मेरे पति ने आत्महत्या की थी। इसका जवाब उन लोगों को कोर्ट में देना पडे़गा। मानहानि का मुकदमा मैं दायर करूंगी और रिपोर्ट भी दर्ज करवाऊंगी।