हरियाणा : ग्रुप-C भर्ती में हुई चूक; गर्ल्स हॉस्टल में जेंट्स सुपरिंटेंडेंटो की नियुक्ति

इन 7 हॉस्टल में से 6 गर्ल्स हॉस्टल हैं। गर्ल्स हॉस्टल के लिए जेंट्स सुपरिंटेंडेंट भर्ती कर उन्हें जॉइनिंग देने के फरमान से विरोध शुरू हो गया। कॉलेजों के प्रिंसिपलों ने इन्हें जॉइन कराने से इनकार कर दिया।
उनका कहना है कि गर्ल्स हॉस्टल के लिए वह जेंट्स सुपरिंटेंडेंट को नहीं रख सकते। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर कहा कि इन जेंट्स सुपरिंटेंडेंट की जगह महिलाओं की भर्ती की जाएं और इनसे कोई दूसरा काम कराया जाए।
उन्होंने तर्क दिया कि जेंट्स सुपरिंटेंडेंट को हॉस्टल में तैनात करने से उनकी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो सकते हैं। छात्राएं भी इस पर ऐतराज जता सकती हैं, क्योंकि हॉस्टल सुपरिंटेंडेंट का काम हॉस्टल का औचक निरीक्षण करना भी होता है।
प्रदेश के 7 राजकीय कॉलेजों में गर्ल्स हॉस्टल हैं, जिनमें सुपरिंटेंडेंट की नियुक्ति के आदेश जारी हुए हैं। इनमें से 6 कॉलेज को मेल स्टाफ मिला है और मात्र एक राजकीय महिला कॉलेज हिसार को फीमेल स्टाफ मिला है। जब ये सुपरिंटेंडेंट कॉलेज में जॉइनिंग के लिए पहुंचे तो असली विवाद शुरू हुआ।
कुछ कॉलेजों को यह आभास तक नहीं था कि गर्ल्स हॉस्टल के लिए मेल स्टाफ सुपरिंटेंडेंट की नियुक्ति कर दी। जब विभाग से आए पत्राचार को देखा तो मामले का पता चला। यह पूरे कॉलेज में चर्चाओं का विषय बन गया। छात्राओं ने भी उनकी जॉइनिंग पर रोष जताया।