डिपो होल्डर्स की कालाबाजारी के चलते ग्रामीणों को नहीं मिल रहा राशन

डिपो होल्डर्स की कालाबाजारी के चलते ग्रामीणों को नहीं मिल रहा राशन

 फरीदाबाद के आलमपुर गांव में डिपो होल्डर द्वारा लोगों को राशन ना देने का मामला सामने आया है जहां आलमपुर गांव के ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनके यहां का डिपो होल्डर उन्हें पूरा राशन नहीं देता। इतना ही नहीं बीपीएल परिवार भी राशन के लिए धक्के खा रहा है लेकिन खाद्य आपूर्ति विभाग की तरफ से अपनी मनमानी और राशन की कालाबाजारी कर रहे डिपो होल्डर के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है । इतना ही नहीं लोगों ने बताया कि उनके राशन कार्ड में उनके अलावा अन्य लोगों के नाम भी चढ़े हैं जिनके बारे में खुद राशन कार्ड धारक को नहीं पता।।

अपने हाथों में राशन कार्ड लेकर मीडिया के कैमरे के सामने डिपो होल्डर की मनमानी दांस्ता बयां कर रहे  यह ग्रामीण है जो आलमपुर गांव के ही रहने वाले हैं इन्होंने मीडिया के सामने अपनी आपबीती बताते हुए कहां की आलमपुर गांव में डिपो होल्डर अपनी मनमानी के चलते राशन कार्ड धारकों को कई कई महीने तो राशन यह कहकर नहीं देता कि पीछे से राशन नहीं आ रहा और देता भी है तो वह कार्ड में चढ़े मेंबरों के हिसाब से उन्हें राशन नहीं देता। इतना ही नहीं लोगों के राशन कार्ड में 20 से 25 लोगों के नाम चढ़े हैं जिनके बारे में खुद राशन कार्ड धारकों को नहीं पता कि वह मेंबर कौन है उनके राशन कार्ड में किसने चढ़ाए इससे साफ पता चलता है कि खाद आपूर्ति विभाग की लापरवाही के चलते लोगों के राशन कार्ड में अन्य लोगों के नाम चढ़े हैं जिन्हें वह खुद नहीं जानते । वही ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि डिपो होल्डर और खाद आपूर्ति विभाग की मिलीभगत के चलते लोगों को पूरा राशन कार्ड नहीं दिया जा रहा इतना ही नहीं बीपीएल परिवार भी राशन लेने के लिए धक्के खा रहा है एक बीपीएल परिवार की बुजुर्ग महिला ने बताया कि वह जब डिपो होल्डर के पास इसकी शिकायत लेकर गई तो उसने उन्हें धक्के मार कर भगा दिया ।ग्रामीणों ने बताया कि डिपो होल्डर की मनमानी की शिकायत वह लोग कई बार खाद आपूर्ति विभाग में  कर चुके हैं लेकिन उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है आइए सुनाते हैं क्या कहना है गांव आलमपुर के ग्रामीणों का।

वहीं इस मामले में जब खाद आपूर्ति भाग के अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि खाद आपूर्ति विभाग की तरफ से हर इलाके में इंस्पेक्टर नियुक्त किए गए हैं जो मामलों की समय-समय पर जांच करते रहते हैं लेकिन उनके संज्ञान में यह मामला नहीं है ना ही आलमपुर गांव से किसी राशन कार्ड धारक ने कोई शिकायत की है वह इस मामले में अब एक टीम बनाकर जांच कराएंगे यदि जांच में दोष पाया गया तो वह डिपो होल्डर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। 

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है की आलमपुर गांव में ग्रामीणों को जो राशन कार्ड दिए गए है वो खाद्य आपूर्ति विभाग की तरफ से ही दिए गए है तो उसमें अन्य लोगों के नाम चढ़ाने की गड़बड़ी किसने की और खाद्यआपूर्ति विभाग  को इतनी बड़ी राशन कार्ड में हुई गड़बड़ी के बारे में जानकारी क्यों नहीं हुई इससे साफ पता चलता है कि या तो खाद आपूर्ति विभाग के अधिकारी अपनी ड्यूटी सही से नहीं कर रहे या हवा हवाई बातें कर मीडिया को गुमराह कर रहे है या फिर वह डिपो होल्डरों से मिलीभगत कर बड़े घोटालों को अंजाम दे रहे हैं जिनके संरक्षण में फरीदाबाद के तमाम डिपो होल्डर्स लोगों को दिए जाने वाले राशन की धड़ल्ले से कालाबाजारी कर रहे है यह तो उच्च अधिकारियों की जांच के बाद ही खुलासा हो पाएगा।